Tuesday, 15 June 2010

एहसास...

झूठी तस्सली से 
सच्ची मायूसी ही भली 
दर्द का ही सही 
उसमे एक एहसास तो है 

2 comments:

संजय भास्कर said...

बहुत खूब, लाजबाब !

Ashutosh said...

धन्यवाद संजय